सरकार का दावा-शराब तस्करी पर लगेगी रोक, कांग्रेस बोली-शराबबंदी की मंशा नहीं

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए आबकारी नीति पर मुहर लगा दी है। इस नीति के तहत राज्य सरकार ने विदेशी शराब दुकानों पर लगाए गए अतिरिक्त आबकारी शुल्क को समाप्त करने का फैसला लिया है।

सरकार का दावा है कि इस निर्णय से शराब तस्करी पर रोक लगेगी। वहीं, कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा शराबबंदी के पक्ष में नहीं है, बल्कि इसे प्रदेश के हर व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

सरकार का कहना है कि विदेशी शराब पर पहले लगने वाले 9.5 प्रतिशत अतिरिक्त आबकारी शुल्क को हटाने से शराब की फुटकर कीमत में कमी आएगी। इससे अवैध तस्करी को नियंत्रित किया जा सकेगा।

अनुमान लगाया जा रहा है कि इस शुल्क में कटौती से विदेशी शराब की कीमतों में 40 रुपये से लेकर 3,000 रुपये तक की गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को अधिकृत दुकानों से शराब खरीदने में सहूलियत होगी और पड़ोसी राज्यों से अवैध शराब लाने की प्रवृत्ति पर लगाम लगेगी।

कांग्रेस कर रही विरोध

कांग्रेस इस फैसले का कड़ा विरोध कर रही है। कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने इसे शराब बिक्री और खपत बढ़ाने की सरकारी नीति करार दिया। उनका कहना है कि सरकार शराबबंदी के बजाय इसके प्रचार-प्रसार में जुटी है।

कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार अधिक से अधिक शराब बेचने और लोगों को इसकी लत लगाने के लिए यह नीति बना रही है।

कांग्रेस सरकार में हुआ सबसे बड़ा शराब घोटाला

कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता केदार नाथ गुप्ता ने कहा कि कांग्रेस सरकार में प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये का घोटाला हुआ, जो देश का सबसे बड़ा घोटाला है। इन्होंने टैक्स लगाकर जनता को लूटा और अपनी जेब भरी।

भाजपा उस टैक्स को कम कर रही है, तो इनकी छाती जल रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की सरकार हर क्षेत्र में युक्तियुक्त निर्णय ले रही है। हमारी सरकार आने के बाद आबकारी विभाग में घोटाला बंद हो गया है। हमारी सरकार शराब के प्रचार-प्रसार के लिए कोई विज्ञापन नहीं देती है।

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