



नई दिल्ली: दुनिया का ध्यान इस वक्त इजरायल पर है, जो छह फ्रंट वॉर लड़ रहा है। ईरान ने मंगलवार रात इजरायल पर ताबड़तोड़ सैकड़ों मिसाइल दागी। ईरान का दावा है कि 400 मिसाइल दागी जबकि इजरायल मिसाइल का नंबर 180 बता रहा है। नंबर जो भी हो, इजरायल ने ज्यादातर मिसाइल को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया। अगर भारत में इस तरह मिसाइल अटैक होता है तो क्या भारत इसके लिए तैयार है? क्या इजरायल के आयरन डोम की तरह भारत का एयर डिफेंस सिस्टम मजबूत है ?

एयरफोर्स चीफ एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने कहा कि हमारे पास जो एयर डिफेंस सिस्टम जो है और जो हम खरीद रहे हैं वे उसी तरह कॉम्बिनेशन में वही काम कर सकते हैं जो आयरन डोम करता है। हमारे पास जो भी नए एयर डिफेंस वेपन सिस्टम होंगे जो वह काफी सक्षम होंगे। लेकिन यह बात सही है कि हमें नंबर बहुत ज्यादा चाहिए होंगे, अगर हमें सब कुछ प्रोटेक्ट करना है।
‘हमें अपनी प्राइयॉरिटी देखनी पड़ेगी कि कहां पर…’
उन्होंने कहा ‘अभी हमारे पास जो नंबर्स हैं उससे पूरा देश …अगर कहें कि कहीं भी कोई मिसाइल नहीं गिर पाएगी…ऐसा नहीं हो पाएगा। हमें अपनी प्राइयॉरिटी देखनी पड़ेगी कि कहां पर हमारे वाइटल एरिया हैं जो हमें पहले प्रोटेक्ट करने हैं। उन पर हमें ज्यादा कॉन्संट्रेट करना पड़ेगा’। एयरफोर्स चीफ ने कहा कि जहां तक टेक्नॉलजी का सवाल है तो जो सिस्टम आ चुके हैं और जो पाइप लाइन में हैं, जिनके कॉन्ट्रैक्ट साइन हुए हैं, हम इन चीजों को (मिसाइल) इंटरसेप्ट कर सकते हैं। हमारा बड़ा देश है इसलिए ज्यादा नंबर चाहिए। अभी जो नंबर हैं वे उतने नहीं है जहां सबकुछ कर सकें।
एयर डिफेंस सिस्टम पर और क्या बोले एयरफोर्स चीफ?
एयरफोर्स चीफ ने बताया कि एयर डिफेंस सिस्टम एस-400 की तीन यूनिट डिलीवर हो गई हैं और बाकी दो यूनिट अगले साल मिल जाएंगी। उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से इसमें देरी हुई। रूस से भारत ने एस-400 की पांच रेजिमेंट की डील की है। एस-400 के लिए भारत ने रूस के साथ साल 2018 में 35000 करोड़ रुपये में रक्षा सौदा किया। एस-400 की एक रेजीमेंट में 16 गाड़ियां होती हैं। यह सिस्टम 500 किलोमीटर की दूरी से दुश्मन के हमले को ट्रैक करता है और रेंज में आते ही दुश्मन की मिसाइल को तबाह कर देता है। यह 400 किलोमीटर के इलाके में दुश्मन के ड्रोन से लेकर बैलेस्टिक मिसाइल तक के हमले को रोक सकता है।