खुद को पुलिस अफसर बता ठगे 15 लाख

दुर्ग  पुलिस में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 3 युवकों से 15 लाख रुपए की ठगी हो गई। आरोपी ने खुद को पुलिस का अधिकारी बताया था। जब आरक्षक भर्ती के रिजल्ट में युवकों का नाम नहीं आया तो उन्होंने आरोपी से पैसों की मांग की। पैसा देने के नाम पर आरोपी टाल-मटोल करता रहा, तो तीनों ने रानीतराई थाना में FIR दर्ज करा दी।

रानीतराई थाना प्रभारी ने बताया कि रेंगाकठेरा गांव निवासी मिलेश चतुर्वेदी (24) ने रविवार को उसके व दो अन्य लोगों से ठगी करने की शिकायत की है। उसने शिकायत में बताया कि वह, केवल कुमार बांधे और कुंदन कुमार पुलिस आरक्षक की भर्ती के लिए तैयारी कर रहे थे। इसी बीच 27 दिसंबर 2020 को फरसगांव जिला कोंडागांव निवासी दीपेन्द्र कुमार नाग (35) से उनकी मुलाकात हुई।

उसने स्वयं को एसआईबी पुलिस विभाग का अधिकारी बताया। कहा कि आरक्षक पद पर नौकरी लगवा सकता है। इससे तीनों लोग तैयार हो गए। उसने तीनों से क्रमशः 8 लाख, 5 लाख और 2 लाख रुपए ले लिए। बताया था कि वह कांकेर में पदस्थ है और पुलिस विभाग में साल 2012 में बहुत लोगों की नौकरी लगवा चुका है। उसने साल 2017 की आरक्षक भर्ती में उनकी नौकरी लगवाने का दावा किया।

पैसा मांगने पर आठ महीने से कर रहा आनाकानी

जब पुलिस भर्ती रिजल्ट आया तो तीनों लोगों का नाम उसमें नहीं था। जब तीनों ने दीपेंन्द्र कुमार नाग को फोन किया तो उनका मोबाइल बंद आया। इसके बाद तीनों दीपेंद्र के घर पहुंचे और रुपए वापस करने का दबाव बनाया। तब से लेकर 8 महीने गुजर गए, लेकिन आरोपी आज पैसे दूंगा, कल दूंगा कहकर घुमा रहा है।

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