कोरोना से हुई मौत,स्वास्थ्य विभाग की सूची में नाम नहीं

दुर्ग । कोरोना से मरने वाले बहुत से लोगों का नाम स्वास्थ्य विभाग के रिकार्ड में नहीं है। सरकारी अस्पतालों में कोरोना से मरने वालों लोगों में से कई मृतकों का नाम सूची में दर्ज नहीं हो पाया है। मृतकों के स्वजन भी इस मामले में अब तक गंभीरता नहीं दिखा रहे थे।

लेकिन जब से मुआवजे की चर्चा बढ़ी है स्वजन नाम जुड़वाने के लिए सीएचएमओ दफ्तर और सरकारी अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं। कोरोना से मरने वालों के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े और अस्पतालों के आंकड़े में असमानता सामने आ रही है।

कोरोना की दूसरी लहर में मार्च व अप्रैल महीने में जिले में करीब नौ सौ से अधिक लोगों की मौत हुई थी। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सूची में कई मृतकों के नाम नहीं है।मृतकों के परिवार के सदस्य कोविड डेथ लिस्ट में नाम जुड़वाने आवेदन लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय दुर्ग पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की कोविड डेथ सूची में मृतक का नाम जुड़वाने उनके स्वजन सीएमएचओकार्यालय से अंतिम संस्कार के लिए जारी किए कोविड डेथ प्रमाण पत्र,कोरोना पाजीटिव रिपोर्ट की छाया प्रति आवेदन के साथ संलग्न कर जमा कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोरोना डेथ लिस्ट में नाम जुड़वाने अब तक 22 लोग आवेदन कर चुके हैं।

इन आवेदनों का परीक्षण उपरांत नाम जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। कोरोना से हुई मौतों के आंकड़ों को छुपाने का आरोप प्रशासन पर पहले भी लगता रहता है। सरकार द्वारा बीच में कोरोना से हुई मौतों की आडिट भी कराई गई थी। क्योंकि कोरोना पाजीटिव कई मृतकों के मौत का कारण कोरोना नहीं अन्य बीमारियों से होना बताया जा रहा था।

जिला स्वास्थ्य विभाग दुर्ग में जिले में कोरोना से हुई मौतों का आंकड़ा करीब 22 सौ बताया जा रहा है। जबकि शासन के पोर्टल में यह आंकड़ा 1791 दर्शाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि कई मृतकों का अंतिम संस्कार कोविड प्रोटोकाल के तहत किया गया है। इसलिए मुक्तिधाम से भी आंकड़ों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है।

केस-2 इसी तरह खुर्सीपार भिलाई निवासी जी रामाराव(63) की मौत भी कोरोना संक्रमण के चलते 15 अप्रैल 2021 को जिला अस्पताल दुर्ग में हुई थी। प्रशासन ने कोविड प्रोटोकाल के तहत उसका अंतिम संस्कार करवाया था। लेकिन डेथ लिस्ट में जी रामाराव का नाम भी शामिल नहीं है।

कोरोना डेथ लिस्ट नाम जुड़वाने कई मृतक के स्वजन स्वास्थ्य विभाग में आवेदन जमा करने आ रहे हैं। हालांकि अब तक 20 से 22 आवेदन ही आए हैं। आवेदनों का परीक्षण उपरांत नाम जोड़ने की कार्रवाई की जाएगी। जहां तक मौत के आंकड़ों में अंतर का सवाल है इस संबंध में जानकारी लेकर सुधार किया जाएगा।

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