डेंगू से बचाव के लिए घर-घर कूलर की जांच

नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में डेंगू से बचाव के लिए कूलर और पानी टंकियों एवं विभिन्न पात्रों के पानी की जांच की जा रही है, पिछले दिनों हुई बारिश के चलते जलजमाव वाले स्थानों पर मलेरिया आयल और झाड़ियों तथा अन्य स्थानों पर मैलाथियान का छिड़काव किया जा रहा है ताकि डेंगू जैसी बीमारी से बचाव किया जा सके। उल्लेखनीय है कि कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे एवं निगम आयुक्त श्री ऋतुराज रघुवंशी के निर्देश पर डेंगू की रोकथाम के लिए निगम का अमला सक्रिय रुप से कार्य कर रहा है! निगम के सभी जोन कार्यालयों के स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर जमा पानी में लार्वा की जांच कर रहे है, टेमीफास् का उपयोग कर कूलर में भरे हुए पानी की सफाई भी करवा रहे है।

स्वास्थ्य विभाग का अमला गली-मोहल्लों के सघन रूप से सफाई के साथ जलजमाव वाले स्थानों की सफाई कर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर रहे है। बदलते मौसम के साथ पीलिया जैसे जलजनित बीमारियों से बचाव के लिए निगम के स्वास्थ्य विभाग का अमला वार्डों में नागरिकों को साफ एवं छना हुआ पानी पीने की सलाह दे रहे है! नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा मच्छरों के काटने से होने वाली डेंगू जैसी बीमारियों से आम जन को बचाने हेतु हर संभव प्रयास किया जा रहा है। शिवाजी नगर के जोन स्वास्थ्य अधिकारी महेश पाण्डेय बताया कि सफाई कर्मचारी प्रतिदिन नालियों की सफाई, मैलाथियान का छिड़काव, गंदे स्थानों की सफाई पश्चात ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कर रहे है। पिछले दिनों हुई बारिश से जलजमाव वाले स्थानों पर मलेरिया आयल का छिड़काव किया जा रहा है, ताकि डेंगू के लार्वा को पनपने का मौका न मिले। सभी वार्डों में तैनात स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी प्रतिदिन घर-घर जाकर कूलर में भरे हुए पानी में लार्वा की जांच कर रहे है, अब तक कहीं भी लार्वा नहीं पाया गया है। घरों में अनुपयोगी पात्र, टायर, गमला, कंटेनर आदि पात्रों में अनाश्वयक रखे हुए पानी को खाली कराकर पात्र को स्वच्छ रखने कहा जा रहा है। नेहरू नगर जोन से कमलेश द्विवेदी, वैशाली नगर जोन से अनिल मिश्रा ने बताया कि घरों के बाड़ियां में एडल्ट मच्छर को समाप्त करने मेलाथियान का स्प्रे, तथा कूलर एवं अनुपयोगी पात्र जिसमें पुराने जमा पानी होते हैं उसमें टेमीफास् का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा लोगों को बताया जा रहा है कि कूलर एवं घर के भीतर के पात्रों के पानी को बदलते रहे। घर में सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें!

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